कोरियाई कृदंत-उपवाक्य 읽은 책, 읽는 책, 읽을 책 — «जो» यहाँ नहीं है
हिंदी के पास दो रास्ते हैं — «वह किताब जो मैंने पढ़ी» और «पढ़ी हुई किताब»; कोरियाई सिर्फ़ दूसरा जानता है, और काल क्रिया के अंत में बैठता है।
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संज्ञा हमेशा आख़िर में
हिंदी में दो रास्ते हैं: «वह किताब जो मैंने कल पढ़ी» और «कल पढ़ी हुई किताब»। कोरियाई सिर्फ़ दूसरा जानता है: 제가 어제 읽은 책 — पूरा उपवाक्य संज्ञा से पहले, और जो कहीं नहीं। संज्ञा से सटी क्रिया एक ख़ास प्रत्यय लेती है, और काल उसी प्रत्यय में रहता है।
| 제가 어제 읽은 책 | वह किताब जो मैंने कल पढ़ी — शब्दक्रम में «मेरी कल पढ़ी हुई किताब» |
| ✗ — उपवाक्य कभी संज्ञा के बाद नहीं आता |
क्रिया के तीन रूप — -던 के साथ चार
-(으)ㄴ भूत, -는 वर्तमान, -(으)ㄹ भविष्य या कल्पना। व्यंजन के बाद 은/을, स्वर के बाद ㄴ/ㄹ: 보다 → 본 / 보는 / 볼। ㄹ पर ख़त्म होने वाली धातु अपना ㄹ गिरा देती है और स्वरांत जैसा बर्ताव करती है: 살다 → 산 / 사는 / 살, 만들다 → 만든 / 만드는 / 만들 — 살은 कभी नहीं।
| 읽은 책 | वह किताब जो मैंने पढ़ी — ≈ «पढ़ी हुई» |
| 읽는 책 | वह किताब जो मैं पढ़ रहा हूँ — «पढ़ता हुआ» पढ़ने वाले का वर्णन करेगा, किताब का नहीं |
| 읽을 책 | वह किताब जो मैं पढ़ूँगा — «पढ़ने वाली किताब» क़रीब है, पर उसमें «पढ़ने लायक़» का रंग है, साफ़ भविष्य का नहीं |
| 읽던 책 | वह किताब जो मैं पहले पढ़ा करता था — अधूरा या आदत वाला भूत |
एक राहत: हिंदी कृदंत लिंग-वचन से बदलता है — पढ़ी हुई किताब, पढ़ा हुआ पत्र। कोरियाई रूप कभी नहीं बदलता — 읽은 책 हो या 읽은 편지, प्रत्यय वही रहता है।
विशेषण का एक ही रूप — और वह टकराता है
कोरियाई विशेषण ख़ुद क्रिया की तरह चलता है: 이 책이 좋아요 «यह किताब अच्छी है» — कोई है नहीं, विशेषण ही विधेय है। इसीलिए संज्ञा से पहले वह भी प्रत्यय लेता है, पर सिर्फ़ -(으)ㄴ: जहाँ क्रिया के तीन रूप हैं, वहाँ इसका एक। -(으)ㄹ और -던 इसके भी बनते हैं (어려울 때, 좋을 거예요); अलग वर्तमान नहीं होता।
| 예쁘다 → 예쁜 사람 | सुंदर व्यक्ति |
| 좋다 → 좋은 책 | अच्छी किताब |
| 크다 → 큰 집 | बड़ा घर |
| 작다 → 작은 방 | छोटा कमरा |
एक ही प्रत्यय: क्रिया पर भूत, विशेषण पर वर्तमान। इसे तर्क से नहीं निकाला जा सकता — यही सबसे पहले जान लेने की चीज़ है।
| 먹은 사람 | भूत — वह आदमी जिसने खा लिया: 먹다 क्रिया है |
| 젊은 사람 | वर्तमान — जवान आदमी: 젊다 विशेषण है |
있다 और 없다 विशेषण का नियम तोड़ते हैं
बाक़ी हर जगह ये विशेषण जैसे चलते हैं, पर संज्ञा से पहले -는 लेते हैं। यह पूरे 있다/없다 परिवार पर लागू है, जो बड़ा है और रोज़ चलता है: 맛있다 «स्वादिष्ट» और 재미있다 «मज़ेदार» के भीतर 있다 छिपा है।
| 맛있는 음식 | स्वादिष्ट खाना |
| 재미있는 영화 | मज़ेदार फ़िल्म |
| 없는 사람 | वह आदमी जो वहाँ नहीं है |
| ✗ — दोनों ग़लत: 있다 는 लेता है, 예쁘다 ㄴ लेता है |
-는 것 उपवाक्य को संज्ञा बना देता है
किसी भी कृदंत रूप के बाद 것 लगाइए, पूरा उपवाक्य संज्ञा बन जाता है — इसी तरह कोरियाई «खाना», «जो मैं चाहता हूँ वह» कहता है। हिंदी यही बात दो तरह से कहती है — क्रियार्थक संज्ञा से («खाना पसंद है») या «जो … वह» से — और 것 अकेला दोनों की जगह भरता है: यह सर्वनाम नहीं, उपवाक्य के बाद लगने वाली संज्ञा है। बोलचाल में 것 सिकुड़कर 거 हो जाता है और कणों में घुल जाता है।
| 먹는 것을 좋아해요. | मुझे खाना पसंद है |
| 먹는 거 좋아해요. | वही वाक्य, बोलचाल में |
| 한국어 배우는 게 재미있어요. | कोरियाई सीखना मज़ेदार है — 것이 → 게 |
| 제가 원하는 건 이거예요. | जो मैं चाहता हूँ वह यह है — 것은 → 건 |
लंबा उपवाक्य: यहाँ हिंदी कृदंत साथ छोड़ देता है
हिंदी कृदंत सिर्फ़ कर्ता («सोता हुआ बच्चा») या कर्म («पढ़ी हुई किताब») ले पाता है; जगह और समय के लिए जहाँ, जब चाहिए। कोरियाई रूप हर भूमिका संभाल लेता है — खाली जगह ख़ुद बता देती है कि संज्ञा उपवाक्य के भीतर क्या थी। उपवाक्य का अपना कर्ता भी होता है। कड़ी के आख़िर में संज्ञा ढूँढ़िए और उलटा पढ़िए।
| 제가 일하는 공장 | वह कारख़ाना जहाँ मैं काम करता हूँ — हिंदी कृदंत से यह नहीं कहा जा सकता |
| 친구를 처음 만난 날 | वह दिन जब मैं दोस्त से पहली बार मिला |
| 어제 친구가 준 선물 | वह तोहफ़ा जो कल दोस्त ने दिया |
आख़िरी उदाहरण में 친구가 उपवाक्य का कर्ता है, पूरे वाक्य का नहीं। यहीं शुरुआती लोग धागा खो देते हैं: कर्ता का कण 이/가 उपवाक्य के भीतर है, फिर भी 친구가 पूरे वाक्य का कर्ता लगने लगता है।
पाँच ग़लतियाँ याद कर लेने लायक़
예쁘는 사람→ 예쁜 사람 — विशेषण ㄴ लेते हैं, 는 नहीं; अपवाद 있다/없다 परिवार है맛있은 음식→ 맛있는 음식 — 있다 कभी ㄴ नहीं लेता- «वह किताब जो मैंने पढ़ी» के अर्थ में 읽는 책 → 읽은 책
먹은 것을 좋아해요«मुझे खाना पसंद है» के अर्थ में → 먹는 것을 — आदत वर्तमान में रहती है- जो जैसे शब्द का इंतज़ार करना — वह है ही नहीं, और इंतज़ार लय तोड़ देता है
यही शुरुआती और मध्यवर्ती स्तर के बीच की दीवार है, और वह पढ़ने से नहीं, सुनने से गिरती है। बोलचाल का कोई भी सेट 읽은/읽는/읽을 दर्जनों बार देगा — फ़र्क़ इसी तरह बैठता है।
सभी गाइड
- हंगुल — कोरियाई लिपि: 5 आकार, 2 चालें, एक शाम
- कोरियाई वाक्य-क्रम: क्रिया आख़िर में — पर हिंदी जैसी नहीं
- कोरियाई कण 은/는 और 이/가: कारक नहीं, विषय और फ़ोकस
- कोरियाई कण 에, 에서, 을/를, (으)로: कहाँ, किधर, किससे, किसको
- 먹다 से 먹어요 तक: कोरियाई क्रिया के रूप कैसे बनते हैं
- कोरियाई अनियमित क्रियाएँ: ㅂ ㄷ ㅅ 르 으 ㅎ
- कोरियाई में «सकना», «चाहना», «पड़ना»: -(으)ㄹ 수 있다, -고 싶다, -아/어야 되다
- कोरियाई शिष्टता के स्तर: 반말, 해요체, 합쇼체
- -네요, -죠, -군요, -잖아요: कोरियाई वाक्य-अंत के वे प्रत्यय जिनसे लहजा बनता है
- -(으)ㄹ까요 और -(으)ㄹ 것 같다: कोरियाई में पूछना, पेशकश करना और बात को खुला छोड़ना
- कोरियाई आदरसूचक रूप: 시, 님, और वे शब्द जो पूरे के पूरे बदल जाते हैं
- कोरियाई गिनतीशब्द 개, 명, 권, 마리: 하나 से 한 क्यों बनता है
- कोरियाई काल: 먹어요 · 먹었어요 · 먹을 거예요, और अनुमान वाला 겠
- कोरियाई में वाक्य जोड़ना: 고, 서, 지만, 니까, 면
- कोरियाई उच्चारण के नियम: लिखा कुछ, सुनाई कुछ और
- कोरियाई शैडोइंग कैसे करें: सुनने का अभ्यास सही तरीक़े से