कोरियाई कण 에, 에서, 을/를, (으)로: कहाँ, किधर, किससे, किसको
काम कहाँ होता है, किस पर पड़ता है, कौन पाता है और किस चीज़ से होता है। 은/는 और 이/가 के बाद का कण-परिवार।
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에 और 에서 — यहाँ हिंदी का में साथ नहीं देता
हिंदी में एक ही में दोनों काम कर लेता है: स्कूल में हूँ और स्कूल में पढ़ता हूँ। कोरियाई यहीं बँटता है, और बँटवारा जगह का नहीं — सवाल यह है कि जगह काम की पृष्ठभूमि है या निशाना।
जहाँ चीज़ बस होती है, वहाँ 에; जहाँ काम चलता है, वहाँ 에서। 있다·없다 अकेले नहीं — 서울에 살아요 भी 에 लेता है। और हिंदी स्कूल जा रहा हूँ में परसर्ग गिरा देती है — यह आदत कोरियाई में मत लाइए, 에 लगाकर बोलिए।
| 집에 있어요. | मैं घर में हूँ। — 있다 के साथ 에, चाहे हिंदी में लगाती हो |
| 학교에 가요. | मैं स्कूल जाता हूँ। — मंज़िल, इसलिए 에; हिंदी कुछ नहीं लगाती |
| 학교에서 공부해요. | मैं स्कूल में पढ़ता हूँ। — वहाँ काम चलता है: 에서 |
| ✗ — 공부하다 काम की क्रिया है, इसे 에서 चाहिए | |
| 서울에서 왔어요. | मैं सियोल से आया हूँ। — निकलने की जगह भी 에서; यहाँ से ठीक बैठता है |
에 समय भी बताता है — 3시에, 월요일에 — जैसे सोमवार को का को। पर 오늘 · 어제 · 지금 · 언제 बिना 에 चलते हैं: 오늘 만나요, न कि 오늘에 만나요 — जैसे आज, अभी बिना परसर्ग के। बाकी कण इन पर लगते हैं: 오늘은, 오늘도।
을/를 — यह हिंदी के को जैसा नहीं है
을 व्यंजन के बाद, 를 स्वर के बाद। यह कर्म का चिह्न है, और सबसे पास हिंदी का को पड़ता है — पर शर्त अलग है। को तब आता है जब कर्म सजीव या निश्चित हो (बच्चे को बुलाया), और खाना खाया में गिर जाता है। कोरियाई 을/를 सजीव-निर्जीव नहीं देखता; वह बोलचाल में गिरता है।
| 밥을 먹어요. | मैं खाना खाता हूँ। — लिखित या सँभली बोली |
| 밥 먹었어? | खाना खाया? — कण गायब है, और यह सामान्य है |
| 뭐를 봐요? / 뭐 봐? | क्या देख रहे हैं? — एक ही बात, दो स्तर |
| 친구를 만났어요. | दोस्त से मिला। — 만나다 कर्म लेता है, इसलिए 를; हिंदी का से यहाँ धोखा देता है |
छोड़ना तब सुरक्षित है जब वाक्य छोटा हो और अर्थ साफ़। क्रम हिलता है तो कण रखिए — टुकड़े इधर-उधर हो सकते हैं, और कर्म कौन-सा है यह सिर्फ़ कण बताता है। बीते काम में हिंदी कर्ता पर ने लगाती है (मैंने खाना खाया), पर कोरियाई भूतकाल किसी कण को नहीं छूता — 밥을 먹었어요। जो क्रियाएँ 을/를 माँगती हैं, वे 은/는 और 이/가 में हैं।
(으)로 — दिशा, साधन, सामग्री
एक कण वह सब समेटता है जो हिंदी से, की ओर और भाषा वाले में पर बाँटती है। 으로 व्यंजन के बाद, 로 स्वर के बाद — और ㄹ के बाद भी। असली उलझन: हमारा से दो कोरियाई कणों में बँटता है — निकलने की जगह 에서, पर साधन और सामग्री (으)로।
| 학교로 가요. | स्कूल की ओर जा रहा हूँ। — 에 मंज़िल, 로 दिशा |
| 젓가락으로 먹어요. | चॉपस्टिक से खाता हूँ। — साधन वाला से |
| 한국어로 말해요. | कोरियाई में बात करता हूँ। — यहाँ हिंदी में लगाती है, से नहीं |
| 나무로 만들었어요. | लकड़ी से बनाया। — सामग्री |
| 지하철로 왔어요. | मेट्रो से आया। — ㄹ के बाद 로, |
सहारा एक जगह टूटता है: डॉक्टर बनना। हिंदी यहाँ कुछ नहीं लगाती, इसलिए कोई न कोई कण चुनना पड़ता है और हाथ अभी-अभी सीखे हुए (으)로 की ओर जाता है — पर 되다 माँगता है 의사가 됐어요।
에게 · 한테 · 께 — किसको
तीनों का अर्थ किसी आदमी को, यानी हिंदी का को। 한테 बोलते हैं, 에게 लिखते हैं, 께 उनके लिए है जिनका आदर कर रहे हैं। हिंदी में आदर परसर्ग से नहीं, सर्वनाम और क्रिया की सहमति से आता है — इसलिए 께 नया है, और क्रिया भी उसके साथ बदलती है।
| 친구한테 줬어요. | दोस्त को दिया। — बोलचाल |
| 친구에게 줬어요. | वही बात, लिखने में |
| 선생님께 드렸어요. | अध्यापक जी को दिया। — 께 के साथ 드리다 जोड़ी में आता है |
| 학교에 보냈어요. | स्कूल भेजा। — आदमी नहीं है, इसलिए 에 |
आख़िरी पंक्ति ही जाल है: हमारा को आदमी और संस्था दोनों पर लगता है (दोस्त को, दफ़्तर को), कोरियाई इन्हें अलग रखता है। 한테/에게 आदमियों और जानवरों के लिए; 께 उनके लिए जिनका आदर करना है। जगहें और संस्थाएँ 에 लेती हैं।
도 · 만 · 부터 · 까지
도 (भी) 이/가 और 을/를 की जगह ले लेता है, ऊपर नहीं चढ़ता; 만 (सिर्फ़) भी आम तौर पर ऐसा ही — हालाँकि 만이 और 만을 तब दिखते हैं जब ज़ोर सीमा पर हो। यहीं हिंदी अलग है: हमारा भी परसर्ग हटाता नहीं, उसके पीछे लगता है (राम को भी दिया)। कोरियाई में 이/가 और 을/를 गिरते हैं, 에·에서 रहते हैं।
| 저도 가요. | मैं भी जा रहा हूँ। — 저 + 도, बीच में 가 नहीं |
| 물만 마셔요. | सिर्फ़ पानी पीता हूँ। — हमारा ही इसी जगह बैठता है |
| 학교에도 갔어요. | स्कूल भी गया। — 에 + 도 चल जाता है |
부터 और 까지 यानी से और तक। 까지 और तक लगभग एक हैं, पर शुरुआत पर हिंदी धोखा देती है: 9 बजे से और सियोल से — दोनों में वही एक से। कोरियाई में समय 부터 लेता है, जगह 에서।
| 9시부터 5시까지 | 9 बजे से 5 बजे तक — समय |
| 서울에서 부산까지 | सियोल से बुसान तक — सफ़र की शुरुआत 에서 लेती है |
| 서울부터 부산까지 | △ — सफ़र के लिए अटपटा है, चाहे हिंदी का से यहीं ले आए; 에서 लीजिए |
| 여기부터 저기까지 | यहाँ से वहाँ तक — ठीक है: आप गिन रहे हैं, चल नहीं रहे |
लकीर समय और जगह के बीच नहीं, सफ़र और गिनती के बीच है। एक बिंदु से दूसरे तक जाते हैं तो शुरुआत 에서 लेती है। कतार गिनते हैं — कुर्सियाँ, पन्ने, अभ्यास — तो 부터 चलता है, चाहे चीज़ें जगह में पड़ी हों।
इसे पक्का कैसे करें
कण एक ही अक्षर के होते हैं, बिना ज़ोर के, अक्सर निगल लिए जाते हैं — पढ़कर ये आपके नहीं होंगे। रास्ता है एक ही संज्ञा को अलग कणों के साथ सुनते रहना, जब तक अदला-बदली कान को चुभने न लगे: 집에 있어요 बनाम 집에서 먹어요। नीचे के सेट ठीक इसी नाप के हैं।
सभी गाइड
- हंगुल — कोरियाई लिपि: 5 आकार, 2 चालें, एक शाम
- कोरियाई वाक्य-क्रम: क्रिया आख़िर में — पर हिंदी जैसी नहीं
- कोरियाई कण 은/는 और 이/가: कारक नहीं, विषय और फ़ोकस
- 먹다 से 먹어요 तक: कोरियाई क्रिया के रूप कैसे बनते हैं
- कोरियाई अनियमित क्रियाएँ: ㅂ ㄷ ㅅ 르 으 ㅎ
- कोरियाई कृदंत-उपवाक्य 읽은 책, 읽는 책, 읽을 책 — «जो» यहाँ नहीं है
- कोरियाई में «सकना», «चाहना», «पड़ना»: -(으)ㄹ 수 있다, -고 싶다, -아/어야 되다
- कोरियाई शिष्टता के स्तर: 반말, 해요체, 합쇼체
- -네요, -죠, -군요, -잖아요: कोरियाई वाक्य-अंत के वे प्रत्यय जिनसे लहजा बनता है
- -(으)ㄹ까요 और -(으)ㄹ 것 같다: कोरियाई में पूछना, पेशकश करना और बात को खुला छोड़ना
- कोरियाई आदरसूचक रूप: 시, 님, और वे शब्द जो पूरे के पूरे बदल जाते हैं
- कोरियाई गिनतीशब्द 개, 명, 권, 마리: 하나 से 한 क्यों बनता है
- कोरियाई काल: 먹어요 · 먹었어요 · 먹을 거예요, और अनुमान वाला 겠
- कोरियाई में वाक्य जोड़ना: 고, 서, 지만, 니까, 면
- कोरियाई उच्चारण के नियम: लिखा कुछ, सुनाई कुछ और
- कोरियाई शैडोइंग कैसे करें: सुनने का अभ्यास सही तरीक़े से